चंद्र ग्रहण सितंबर 2025: भारत में समय, सूतक काल और आज के ग्रहण की पूरी जानकारी

चंद्र ग्रहण सितंबर 2025 हाय दोस्तों, डेली समाचार में आपका स्वागत है! अगर आप आज, 7 सितंबर 2025 को यह पढ़ रहे हैं, तो आपके मन में सवाल होंगे जैसे “आज ग्रहण कितने बजे से लगेगा?”, “चंद्र ग्रहण का समय क्या है?” या “सूतक काल कब शुरू होगा?”। आप सही जगह पर हैं! आज हम 7-8 सितंबर 2025 को होने वाले चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) के बारे में पूरी जानकारी देंगे। यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण है, जिसे ब्लड मून भी कहते हैं, और यह भारत में दिखाई देगा। हम इसमें समय, सूतक काल, वैज्ञानिक तथ्य, मिथक, ज्योतिषीय प्रभाव और सुरक्षित देखने के तरीकों को कवर करेंगे।

चाहे आप विज्ञान के शौकीन हों, धार्मिक परंपराओं का पालन करने वाले हों, या सिर्फ जिज्ञासु हों, यह लेख आपके लिए है। इसमें “चंद्र ग्रहण कब से है”, “ग्रहण 7 सितंबर 2025”, “आज सूतक कितने बजे लगेगा” जैसे सभी सवालों के जवाब हैं। तैयार हैं? चलिए शुरू करते हैं!

चंद्र ग्रहण क्या है? आसान भाषा में समझें

सबसे पहले, चंद्र ग्रहण क्या होता है? हिंदी में “ग्रहण” का मतलब है कि कोई खगोलीय पिंड छाया में आ जाए, और “चंद्र” यानी चांद। चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आती है, और पृथ्वी की छाया चांद पर पड़ती है। इससे चांद धीमा या लाल दिखाई देता है – इसे ब्लड मून कहते हैं।

सूर्य ग्रहण (Surya Grahan) के विपरीत, चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देखना सुरक्षित है और यह केवल पूर्णिमा के दिन होता है। यह तीन प्रकार के होते हैं: पेनुमब्रल (हल्की छाया), आंशिक (चांद का हिस्सा गहरी छाया में), और पूर्ण (पूरा चांद गहरी छाया में)।

2025 में दो चंद्र ग्रहण हैं, और आज, 7 सितंबर का ग्रहण खास है क्योंकि यह पूर्ण है और भारत में दिखेगा। प्राचीन भारत में वेदों में ग्रहण को राहु-केतु द्वारा निगलने की कहानी माना जाता था। वैज्ञानिक रूप से, यह ग्रहों की कक्षा के संरेखण (alignment) का परिणाम है। चांद हर 27 दिन में पृथ्वी की परिक्रमा करता है, लेकिन कक्षा 5 डिग्री झुकी होने के कारण हर महीने ग्रहण नहीं होता। केवल जब सूर्य, पृथ्वी और चांद एक सीध में आते हैं, तब चंद्र ग्रहण होता है।

आज यह क्यों महत्वपूर्ण है? क्योंकि लोग “चंद्र ग्रहण कब से है”, “7 सितंबर को चंद्र ग्रहण कब लगेगा” जैसे सवाल पूछ रहे हैं। यह ग्रहण सरोस चक्र का हिस्सा है, जो हर 18 साल बाद दोहराता है। पिछला ऐसा ग्रहण 2007 में था, अगला 2043 में होगा। बच्चों और छात्रों के लिए यह सीखने का शानदार मौका है – आप अपने परिवार को बता सकते हैं कि पृथ्वी का वायुमंडल नीली रोशनी को बिखेर देता है, जिससे चांद लाल दिखता है।

धार्मिक दृष्टिकोण से, चंद्र ग्रहण को अशुभ माना जाता है, जिसके कारण उपवास और कुछ कार्यों से बचने की प्रथा है। इसके बारे में आगे बात करेंगे। अगर आप “सूतक समय आज” के बारे में सोच रहे हैं, तो यह इन मान्यताओं से जुड़ा है। ग्रहण ज्वार-भाटा और वन्यजीवों को भी प्रभावित करता है – जानवर रात समझकर अजीब व्यवहार कर सकते हैं।

नासा के अनुसार, हर साल 2-5 चंद्र ग्रहण होते हैं, लेकिन सभी पूर्ण या भारत में दिखाई नहीं देते। आज का ग्रहण एशिया, यूरोप, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में दिखेगा। भारत में, दिल्ली से मुंबई, कोलकाता से चेन्नई तक, अगर आसमान साफ रहा तो आप इसे देख सकते हैं। प्रो टिप: बादल के लिए मौसम ऐप चेक करें।

7 सितंबर 2025 चंद्र ग्रहण का विवरण: भारत में समय और दृश्यता

अब मुख्य सवाल – “चंद्र ग्रहण का समय आज” और “ग्रहण टाइमिंग आज भारत में 2025″। विश्वसनीय खगोलीय डेटा के आधार पर, यह पूर्ण चंद्र ग्रहण 7 सितंबर की शाम से शुरू होकर 8 सितंबर की सुबह तक चलेगा। सभी समय भारतीय मानक समय (IST, UTC +5:30) में हैं।

यहां पूरा विवरण है:

  • पेनुमब्रल ग्रहण शुरू: 7 सितंबर को रात 8:58 बजे। यह हल्की छाया का शुरूआती चरण है, जो आसानी से दिखाई नहीं देता।
  • आंशिक ग्रहण शुरू (अंब्रल चरण): 7 सितंबर को रात 9:57 बजे। अब गहरी छाया शुरू होगी, और चांद का हिस्सा काला दिखेगा।
  • पूर्ण ग्रहण शुरू: 7 सितंबर को रात 11:00 बजे। पूरा चांद अंब्रा में होगा, और लाल रंग दिखेगा।
  • अधिकतम ग्रहण: 7 सितंबर को रात 11:41 बजे। यह चरम बिंदु है – चांद पूरी तरह छाया में होगा।
  • पूर्ण ग्रहण समाप्त: 8 सितंबर को सुबह 12:22 बजे।
  • आंशिक ग्रहण समाप्त: 8 सितंबर को सुबह 1:25 बजे।
  • पेनुमब्रल ग्रहण समाप्त: 8 सितंबर को सुबह 2:25 बजे।

कुल अवधि लगभग 5 घंटे 27 मिनट है, जिसमें पूर्णता (totality) 1 घंटे 22 मिनट तक रहेगी। यह समय TimeandDate.com और द्रिक पंचांग जैसे स्रोतों से मेल खाता है।

क्या यह भारत में दिखेगा? हां! पूरा ग्रहण भारत के सभी हिस्सों में रात में दिखाई देगा। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई – सभी जगह समय एक ही है क्योंकि भारत में एक समय क्षेत्र है। हालांकि, गुवाहाटी जैसे पूर्वी क्षेत्रों में सूर्यास्त के कारण यह थोड़ा पहले महसूस हो सकता है, लेकिन समय वही रहेगा।

“आज चंद्र ग्रहण” या “7 सितंबर को चंद्र ग्रहण कब लगेगा” के लिए – यह रात 8:58 बजे शुरू होगा। यह ग्रहण अन्य देशों में भी दिखेगा, लेकिन विदेश में रहने वाले भारतीयों को स्थानीय समय में बदलाव करना होगा – जैसे अमेरिका (EST) में यह दोपहर 11:28 बजे शुरू होगा।

यह ग्रहण क्यों खास है? यह 2025 का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण है। यह सुपरमून नहीं है, लेकिन चांद औसत दूरी पर है, और लाल रंग शानदार होगा। खगोलशास्त्री इसे “सेंट्रल एक्लिप्स” कहते हैं क्योंकि चांद पृथ्वी की छाया के केंद्र से गुजरता है।

अगर बादल बाधा डालें, तो नासा या भारतीय खगोलीय सोसाइटी (ASI) के लाइव स्ट्रीम देखें। फोटोग्राफर्स के लिए टिप: ट्राइपॉड और लंबा एक्सपोजर इस्तेमाल करें।

“ग्रहण कितने बजे से कितने बजे तक है” – रात 8:58 से सुबह 2:25 बजे तक। “आज ग्रहण कितने बजे से लगेगा” – पेनुमब्रल 8:58 बजे, लेकिन 9:57 से नजर आएगा।

(शब्द गणना: ~950)

सूतक काल: यह क्या है, समय और नियम

“सूतक समय आज” या “चंद्र ग्रहण सूतक समय 2025” पूछने वालों के लिए, चलिए समझते हैं। सूतक काल हिंदू परंपरा में ग्रहण से पहले और दौरान का अशुभ समय है। चंद्र ग्रहण के लिए, यह अंब्रल चरण से 9 घंटे पहले शुरू होता है और ग्रहण खत्म होने पर समाप्त होता है।

आज के ग्रहण के लिए, सूतक 7 सितंबर 2025 को दोपहर 12:57 बजे शुरू होगा और 8 सितंबर को सुबह 2:25 बजे खत्म होगा। स्थानीय पंचांग के अनुसार शहरों में थोड़ा अंतर हो सकता है:

  • दिल्ली/नोएडा: दोपहर 12:19 बजे।
  • मुंबई: दोपहर 12:30 बजे।
  • कोलकाता: दिल्ली के समान।
  • चेन्नई: दोपहर 12:45 बजे।

9 घंटे क्यों? वैदिक ज्योतिष के अनुसार, इस समय नकारात्मक ऊर्जा प्रभावी होती है। सूतक में खाना, खाना बनाना, सोना या नया काम शुरू करना वर्जित है। गर्भवती महिलाओं को घर में रहने और मंत्र जपने की सलाह दी जाती है।

करें: ग्रहण के बाद स्नान करें, दान करें, भगवान शिव या हनुमान की प्रार्थना करें। “ॐ नमः शिवाय” जपें या शास्त्र पढ़ें।

न करें: मंदिर न जाएं, बाल/नाखून न काटें, बाहर का खाना या मांसाहार न खाएं। बच्चे और बुजुर्ग उपवास से छूट पा सकते हैं।

क्या इस ग्रहण में सूतक मान्य है? हां, क्योंकि यह भारत में दिखाई देता है। “आज सूतक कितने बजे लगेगा” – दोपहर से शुरू। ग्रहण के बाद घर साफ करें और गंगाजल छिड़कें।

यह परंपरा पुराणों से आई है, जहां ग्रहण को राहु-केतु से जोड़ा जाता है। आधुनिक दृष्टिकोण इसे आत्मचिंतन का समय मानता है।

(शब्द गणना: ~1350)

चंद्र ग्रहण का वैज्ञानिक आधार: कैसे और क्यों होता है

“ग्रहण कितने बजे लगेगा” के शौकीनों के लिए वैज्ञानिक व्याख्या। चंद्र ग्रहण तब होता है जब सूर्य, पृथ्वी और चांद एक सीध में आते हैं। पृथ्वी सूर्य का प्रकाश रोकती है, और उसकी दो छायाएं पड़ती हैं: पेनumbra (हल्की) और umbra (गहरी)।

आज, चांद 8:58 बजे पेनumbra में, फिर 9:57 बजे umbra में प्रवेश करेगा। पूर्णता तब होगी जब चांद पूरी तरह umbra में होगा – कोई सीधा सूर्य प्रकाश नहीं, लेकिन पृथ्वी का वायुमंडल लाल प्रकाश को मोड़ता है (रेले स्कैटरिंग, जैसे सूर्यास्त), जिससे ब्लड मून बनता है।

लाल क्यों? नीली रोशनी बिखर जाती है, लाल गुजरती है। रंग वायुमंडल की धूल पर निर्भर करता है – ज्वालामुखी ज्यादा हों, तो गहरा लाल।

कक्षा मैकेनिक्स: चांद की कक्षा दीर्घवृत्तीय है, दूरी 356,000-406,000 किमी तक बदलती है। आज औसत दूरी पर है। ग्रहण साल में 2-5 बार होते हैं, लेकिन पूर्ण कम होते हैं।

नासा इसे Eclipse Explorer से ट्रैक करता है। यह सरोस 128 का ग्रहण है, जो 18 साल बाद दोहराता है। मजेदार तथ्य: अपोलो यात्री चांद से पृथ्वी ग्रहण देख चुके हैं!

प्रभाव: ज्वार में हल्का बदलाव, लेकिन इंसानों को कोई नुकसान नहीं। स्वास्थ्य मिथक – जैसे अंधापन या जन्म दोष – गलत हैं।

छात्रों के लिए: ग्रहण की अवधि की गणना करें – umbra का व्यास ~9000 किमी, चांद की गति ~1 किमी/सेकंड, तो ~3 घंटे आंशिक चरण।

सूर्य ग्रहण से तुलना: चंद्र ग्रहण रात में, सुरक्षित, और लंबा होता है।

सूर्य ग्रहण 2025: भारत में कब?

“सूर्य ग्रहण कब है 2025 भारत में” के लिए, 2025 में दो सूर्य ग्रहण हैं:

  1. 29 मार्च 2025: आंशिक सूर्य ग्रहण, भारत में दिखाई नहीं देगा। उत्तरी अमेरिका, यूरोप, और आर्कटिक में दिखेगा।
  2. 23 सितंबर 2025: आंशिक सूर्य ग्रहण, भारत में दिखाई नहीं देगा। दक्षिणी गोलार्ध (ऑस्ट्रेलिया, अंटार्कटिका) में दिखेगा।

भारत में अगला सूर्य ग्रहण 29 मई 2027 को दिखेगा। सूतक सूर्य ग्रहण में 12 घंटे पहले शुरू होता है, लेकिन आज केवल चंद्र ग्रहण है।

ग्रहण देखने के टिप्स और सावधानियां

  • सुरक्षित है: चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों, दूरबीन या टेलीस्कोप से देख सकते हैं।
  • स्थान: शहरों में लाइट पॉल्यूशन से बचें। छत या खुला मैदान चुनें।
  • फोटोग्राफी: 200mm+ लेंस, ट्राइपॉड, और 1-5 सेकंड एक्सपोजर। ISO 400-800।
  • लाइव स्ट्रीम: बादल हों तो TimeandDate.com या नासा की वेबसाइट देखें।
  • बच्चों के लिए: उन्हें लाल रंग और छाया की अवधारणा समझाएं।

ज्योतिषीय प्रभाव और उपाय

ज्योतिष में, चंद्र ग्रहण चंद्रमा और राहु-केतु से जुड़ा है। यह भावनात्मक अस्थिरता या निर्णय लेने में बाधा ला सकता है। राशियों पर प्रभाव:

  • मेष, कर्क, तुला, मकर: सावधानी बरतें, ध्यान करें।
  • वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ: अवसरों का लाभ उठाएं।

उपाय: हनुमान चालीसा, महामृत्युंजय मंत्र जपें। दान करें – जैसे तिल, दूध, चावल।

निष्कर्ष

7-8 सितंबर 2025 का चंद्र ग्रहण भारत में रात 8:58 बजे से सुबह 2:25 बजे तक दिखेगा, जिसमें पूर्णता रात 11:00 से 12:22 बजे तक होगी। सूतक काल दोपहर 12:57 बजे से शुरू है। यह एक वैज्ञानिक और सांस्कृतिक घटना है। इसे परिवार के साथ देखें, मिथकों को समझें, और परंपराओं का सम्मान करें।

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चंद्र ग्रहण सितंबर 2025

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